Quick summary
At a glance
लोकसभा ने 29 जुलाई 2026 को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल पास किया जो पेपर लीक और नकल के लिए 5-10 साल की जेल और समयबद्ध जांच का प्रावधान करता है.
Key facts
- बिल का नाम
- Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026
- लोकसभा में पास
- 29 जुलाई 2026 (ध्वनि मत से)
- न्यूनतम सजा
- 5 साल (अधिकतम 10 साल)
- अगला कदम
- राज्यसभा में पेश किया जाएगा
Timeline
27 जुलाई 2026
डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बिल पेश किया
29 जुलाई 2026
लोकसभा ने ध्वनि मत से बिल पास किया
आधिकारिक अपडेट देखें
- PIB की पास होने वाली आधिकारिक प्रेस रिलीज़ पढ़ें
- PRS India पर बिल का पूरा सार देखें
- राज्यसभा की कार्यसूची पर नज़र रखें
Short answer: 29 जुलाई 2026 को लोकसभा ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 ध्वनि मत से पास कर दिया. यह बिल 2024 के मूल कानून में संशोधन करता है और पेपर लीक, नकल व अनुचित साधनों के लिए सख्त सजा, समयबद्ध जांच और स्पेशल कोर्ट का प्रावधान करता है. बिल अब राज्यसभा में पेश होगा.
पृष्ठभूमि: 2024 का मूल कानून
Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 को 12 फरवरी 2024 को अधिनियमित किया गया और 21 जून 2024 से लागू किया गया. इस कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं — जैसे UPSC, SSC, NEET, JEE, CUET, बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं — में अनुचित साधनों (पेपर लीक, नकल, इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी) को रोकना था.
2024 के कानून में प्रमुख प्रावधान थे:
- अनुचित साधन अपनाने पर 3 से 5 साल की जेल
- सेवा प्रदाता (कोचिंग सेंटर, एग्जाम सेंटर) पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना
- संगठित अपराध की श्रेणी में 5 से 10 साल की सजा
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और उसके बाद हुए छात्र आंदोलनों के बाद सरकार ने इस कानून को और सख्त बनाने का निर्णय लिया.
2026 संशोधन बिल: क्या नया है?
1. न्यूनतम सजा 5 साल (पहले 3 साल थी)
नए बिल में अनुचित साधनों के दोषी पाए जाने पर न्यूनतम 5 साल और अधिकतम 10 साल की जेल का प्रावधान है. पुराने कानून में यह सीमा 3-5 साल थी.
| प्रावधान | 2024 कानून | 2026 संशोधन |
|---|---|---|
| न्यूनतम जेल | 3 साल | 5 साल |
| अधिकतम जेल | 5 साल | 10 साल |
| जांच की समयसीमा | नहीं | अनिवार्य |
| स्पेशल कोर्ट | नहीं | प्रस्तावित |
2. समयबद्ध जांच (Time-bound Investigation)
बिल में जांच एजेंसियों के लिए निर्धारित समय में जांच पूरी करने का प्रावधान जोड़ा गया है. इसका मकसद मामलों को वर्षों तक लंबित रहने से रोकना है.
3. स्पेशल कोर्ट की स्थापना
तेज़ सुनवाई और सख्त प्रवर्तन के लिए बिल में विशेष अदालतों के गठन का प्रस्ताव है. ये कोर्ट सिर्फ पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों की सुनवाई करेंगी.
4. सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही
कोचिंग सेंटर, परीक्षा केंद्र संचालक और अन्य सेवा प्रदाताओं पर जवाबदेही और सख्त की गई है. संलिप्तता पाए जाने पर भारी जुर्माना और प्रतिबंध का प्रावधान है.
संसदीय प्रक्रिया: टाइमलाइन
- 27 जुलाई 2026: केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बिल पेश किया.
- 29 जुलाई 2026: PIB के अनुसार लोकसभा ने विस्तृत चर्चा के बाद बिल को ध्वनि मत से पास किया.
अब बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा. राज्यसभा से पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा.
किन परीक्षाओं पर लागू होगा?
यह कानून केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सभी सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होता है:
- UPSC सिविल सेवा, NDA, CDS
- SSC CGL, CHSL, MTS
- NEET-UG, NEET-PG
- JEE Main, JEE Advanced, CUET
- IBPS, SBI, RBI बैंकिंग परीक्षाएं
- रेलवे भर्ती परीक्षाएं
- UGC NET, CSIR NET
छात्रों और अभ्यर्थियों पर प्रभाव
ईमानदार छात्रों के लिए यह संशोधन एक सकारात्मक कदम है. सख्त सजा के प्रावधान से पेपर लीक और नकल गिरोहों पर रोक लगने की उम्मीद है. समयबद्ध जांच और स्पेशल कोर्ट से पीड़ित छात्रों को तेज़ न्याय मिल सकता है.
ध्यान देने योग्य बातें:
- बिल अभी राज्यसभा से पास होना बाकी है; यह अभी कानून नहीं बना है.
- राज्य स्तर की भर्ती परीक्षाएं (जैसे UPSSSC, UPPSC) राज्य सरकार के अधीन आती हैं — राज्य चाहे तो समान प्रावधान अपना सकता है.
- कानून बनने के बाद ही नए प्रावधान लागू होंगे; पुराने मामलों पर पुराना कानून ही लागू रहेगा.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q: क्या यह बिल अभी कानून बन गया है? Ans: नहीं. लोकसभा से पास होने के बाद इसे राज्यसभा में पेश और पास होना बाकी है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही यह कानून बनेगा.
Q: नए कानून में कितने साल की जेल का प्रावधान है? Ans: 2026 संशोधन बिल में अनुचित साधनों के लिए न्यूनतम 5 साल और अधिकतम 10 साल की जेल का प्रावधान है.
Q: क्या यह कानून राज्य स्तर की परीक्षाओं पर भी लागू होता है? Ans: मूल 2024 कानून केंद्रीय सार्वजनिक परीक्षाओं को कवर करता है. राज्य अपनी परीक्षाओं के लिए समान कानून बना सकते हैं.
Q: बिल की प्रगति कैसे ट्रैक करें? Ans: PIB की 29 जुलाई की आधिकारिक प्रेस रिलीज़ और PRS India के बिल के सीधे पेज पर स्थिति देख सकते हैं.
आधिकारिक स्रोत
- PIB — लोकसभा ने बिल पास किया
- PRS India — Public Examinations Amendment Bill, 2026
- Sansad TV — लोकसभा कार्यवाही
- लोकसभा — विधायी कार्यसूची
- The Hindu — बिल पेश करने की रिपोर्ट
- LiveLaw — लोकसभा ने बिल पास किया
यह लेख नागरिक जानकारी के उद्देश्य से है, कानूनी सलाह नहीं. अंतिम अधिसूचना और राजपत्र में प्रकाशन के बाद ही प्रावधान लागू होंगे. अंतिम समीक्षा: 30 जुलाई 2026.
Last updated: 30 July 2026


